श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों पर केंद्र सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हुर्रियत नेताओं को मिलने वाली फंडिंग के मामले में पीआई दर्ज करने के बाद जांच के लिए एक टीम को कश्मीर भेज दिया है. एनआईए ने यह कदम हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान और आतंकी संगठनों की ओर से फंडिंग मिलने के आरोपों के बाद उठाया है.
 
रिपोर्ट्स है कि सैयद अली शाह गिलानी, नईम खान, फारुख अहमद डर, गाजी जावेद बाबा जैसे हुर्रियत नेताओं को लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों और एजेंसियों से कश्मीर में हिंसक गतिविधी करने के लिए फंडिंग दी जाती है. एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग के बाद हुर्रियत को पाकिस्तान की ओर से फंडिंग मिलने का शक जताया गया था.
 
एनआईए की टीम इस बात की जांच करेगी कि क्या अलगाववादी नेताओं को घाटी में पब्लिक प्रॉपर्टी को नष्ट करने के लिए, सेना पर पत्थरबाजी के लिए, स्कूल और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचाने के लिए पाकिस्तान की ओर से फंडिंग दी जाती है या नहीं.
 
बता दें कि कश्मीर में पिछले कई दिनों से तनाव का महौल बरकरार है. हिजबुल के आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही घाटी में हिंसक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. वहां आए दिन युवाओं की ओर से सेना पर पत्थरबाजी करने की खबरें सामने आ रही हैं, साथ ही आतंकी गतिविधियां भी बढ़ चुकी हैं.