बद्रीनाथ:  चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओँ को जल्द ही मोदी सरकार सौगात देने वाली है. मोदी सरकार एक मेगा प्लान तैयार कर रही है, जिसके तहत उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा करने वालों को जल्द ही रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. अब श्रद्धालुओँ को मोक्ष प्राप्ती के लिए जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी और आसानी से रेलगाड़ी से चार धाम का दर्शन कर सकेंगे.
 
दरअसल, उत्तराखंड स्थित चार धाम गंगोत्री. यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को सिंगल बड़ी रेल लाइन से जोड़ने की परियोजना के तहत रेल मंत्रालय ने पहल शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि 13 मई को बद्रीनाथ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में रेलमंत्री सुरेश प्रभु और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत फाइनल सर्वे की आधारशिला रखेंगे.
 
साल 2017-18 के बजट में 120.92 करोड़ रुपये की लागत से अंतिम सर्वेक्षण कार्य को मंजूरी दी गई. पीएम मोदी की ओर से चार धाम तक बड़ी रेल लाइन सम्पर्क स्थापित करने के सपने को साकार करने और अपनी बजटीय प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे चार धाम के लिए सिंगल बड़ी लाइन बिछाने के लिए अंतिम स्थल सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ कर रही है. 
 
बता दें कि रेल विकास निगम लिमिटेड ने रेल संपर्क परियोजना के लिए वर्ष 2014-15 में प्रारंभिक टोही इंजीनियरिंग सर्वेक्षण किया था. अक्टूबर 2015 में आई इसकी रिपोर्ट में दो उतराव स्थानों डोईवाला और कर्णप्रयाग की सिफारिश की गई थी.  
 
डोईवाला से प्रारंभ होने वाली गंगोत्री रेल लाइन उत्तरकाशी होते हुए मनेरी, जोकि समुद्रतल से 1270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, से जुड़ेगी. यमुनोत्री रेल लाइन, उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री रेल लिंक से प्रारंभ होकर, Y (वाई) संपर्क निर्मित करते हुए 22 किलोमीटर की दूरी तय करके पालार (समुद्रतल से 1265 मीटर) पहुंचेगी.  
 
गौरतलब है कि केदारनाथ को जाने वाली प्रस्तावित रेल लाइन कर्णप्रयाग से प्रारंभ होकर साईंकोट होते हुए सोनप्रयाग (समुद्रतल से 1650 मीटर ) पहुंचेगी. बद्रीनाथ रेल लाइन साईंकोट स्थित केदारनाथ रेल लिंक से प्रारंभ होकर Y (वाई) संपर्क निर्मित करते हुए 75 किलोमीटर की दूरी तय करके जोशीमठ (समुद्रतल से 1733 मीटर) पहुंचेगी.