नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली जल्द ही जल समस्या से मुक्त होगी, क्योंकि यहां सिंगापुर के अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग मॉडल को लागू करने को लेकर अध्ययन जारी है. राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेने के बाद केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार पहले ही दलों को जल आपूर्ति मॉडल का अध्ययन करने के लिए सिंगापुर भेज चुकी है. उन्होंने कहा, “सिंगापुर के पास अपना पानी नहीं है. लगभग 95 फीसदी पानी बाहर से आता है.”

उन्होंने कहा कि सिंगापुर ने एक तकनीक विकसित की है, जिसमें इस्तेमाल किया गया जल साफ किया जाता है और फिर उसे दोबारा इस्तेमाल में लाया जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा, “यह कैसे किया जाता है, हम इसका अध्ययन कर रहे हैं. एक महीने के अंदर दिल्ली में उस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए पायलट परियोजना शुरू करने की हमारी योजना है.”

केजरीवाल ने कहा, “फिल्टर होने के बाद पानी की गुणवत्ता मिनरल वाटर जैसी होती है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह तकनीक दिल्ली में काम कर सकी, तो मुझे लगता है कि दिल्ली में पानी की कमी नहीं होगी. शहर के अन्य मसलों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संपत्ति कर भी एक मुद्दा है और इसपर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “मुझे यह बात पता चली है कि केवल 30-40 फीसदी लोग ही संपत्ति कर जमा करते हैं.” उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को देखेगी.

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सहित शहर के अन्य मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उनका खयाल रखना चाहिए.” उन्होंने कहा, “हमने सुना है कि उन्हें वेतन दिया जा रहा है, भाजपा को उनका ध्यान रखना चाहिए.” आप के आंतरिक मामलों पर सवालों को नजरंदाज करते हुए केजरीवाल ने कहा, “पार्टी अच्छा कर रही है और कहीं कोई समस्या नहीं है.”

केजरीवाल ने पार्टी के असंतुष्ट नेता योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. पिछले दिनों दोनों को आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.