नई दिल्ली. भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने 21 जुलाई को आयोजित होने वाले ईद मिलन दावत के लिए कश्मीर के अलगाववादी तथा हुर्रियत नेताओं को निमंत्रण भेजा है. पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा, ‘हुर्रियत नेताओं को न्योता देना कोई अनोखी बात नहीं है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर की जनता को सहायता देना जारी रखेगा.

बासित ने कहा, ‘पाकिस्तान मानवाधिकार को लेकर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर तथा वैश्विक उद्घोषणा के तहत उपलब्ध कश्मीरियों की स्वतंत्रता के वैध संघर्ष को अपना नैतिक, राजनीतिक तथा कूटनीतिक समर्थन देना जारी रखेगा.’ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हालांकि, कहा कि दावत में शामिल होने का फैसला पार्टियों को करना है.

इधर, हुर्रियत के प्रवक्ता अयाज अकबर ने श्रीनगर से फोन पर कहा, ‘हमने दावत में शामिल होने का फैसला नहीं किया है. हम अभी हिरासत में हैं, इसलिए हमने अभी कोई फैसला नहीं किया है.’ वहीं जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नेता मोहम्मद यासिन मलिक और हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि उन्हें ईद मिलन को लेकर कोई न्योता नहीं मिला और वह न्योता मिलने पर ही कोई फैसला करेंगे.

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं को पहले भी उच्चायोग की तरफ से इफ्तार दावत का न्योता मिला है, जो कि कराची में लू चलने के कारण रद्द कर दिया गया. नरेंद्र मोदी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की तरफ से कश्मीर के मसले पर तीसरे पक्ष की संलिप्तता का विरोध जताए जाने के बावजूद हुर्रियत नेताओं और कश्मीर के अन्य नेताओं ने अब्दुल बासित के साथ बैठक की है. उन्हें पाकिस्तानी उच्चायोग ने मार्च में राष्ट्रीय दिवस के मौके पर भी न्योता दिया था.

एजेंसी