लखनऊ. यूपी में अखिलेश सरकार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगाने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है. यूपी सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, अखिलेश सरकार ने ठाकुर को सर्विस कंडक्ट रूल्स तोड़ने के आरोप में सस्पेंड किया है.

DGP की इजाज़त के बिना ऑफिस नहीं छोड़ेंगे
इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूपी के पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक सुरक्षा) को पहली नजर में मनमानी, अनुशासनहीनता, शासन विरोधी दृष्टिकोण, हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी, अपने पद से जुड़े दायित्वों और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का दोषी पाते हुए तात्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया है. इसमें यह भी कहा गया है कि ठाकुर निलंबन की अवधि में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय से संबद्ध रहेंगे और डीजीपी से इजाजत लिए बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे.

अदालत में फैसले को चुनौती देंगे अमिताभ
दूसरी तरफ ठाकुर ने निलंबन के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इसे अदालत में चुनौती देंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं संबंधित अदालत में मामला उठाउंगा.’ आपको बता दें कि अमिताभ ठाकुर ने पिछले हफ्ते सपा सुप्रीमो का कथित धमकी वाला एक ऑडियो टेप जारी किया था, जिसके एक दिन बाद ही ठाकुर के खिलाफ एक पुराने मामले में रेप का केस दर्ज किया गया था.

केंद्र से मांगी सुरक्षा
इसके बाद सोमवार को उन्होंने दिल्ली आकर केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अनंत कुमार सिंह से मुलाकात की. उन्होंने खुद और अपनी पत्नी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर के लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांगी. उन्होंने नार्थ ब्लाक के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘मुलायम सिंह यादव ने मुझे नतीजा भुगत लेने की धमकी दी है इसलिए मैं आज अतिरिक्त सचिव से मिला और खुद के लिए एवं अपनी पत्नी के लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांगी.’  

एजेंसी इनपुट भी