नई दिल्ली: आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के दो आतंकियों को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है. दो आतंकी शेख अजहर इस्लाम उर्फ अब्दुल सत्तार शेख और मोहम्मद फरहान उर्फ मोहम्मद रफीक पर आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए साजिश करके पैसे जुटाने और लोगों को संगठन में शामिल करने में मदद करने का आरोप है.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरनाथ ने उन्हें दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई. बताया जा रहा है कि भारत में ऐसा पहली बार है, जब किसी आईएसआईएस से जुड़े मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है. बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों ने कोर्ट के सामने अपना जुर्म कबूल किया है.
 
आपको बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इन दोनों आरोपियों को आपराधिक साजिश के मामलों में जनवरी में गिरफ्तार किया था. इन पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के लिए लोगों की पहचान करने, उन्हें प्रोत्साहित करने, कट्टर बनाने, भर्ती करने और प्रशिक्षण देने के आरोप लगे थे. 
 
हालांकि, आरोपियों के वकील की तरफ से एक अपील दायर की गई थी, जिसमें इस बात का उल्लेख था कि उन दोनों को अपने किये पर पछतावा है और वे मुख्यधारा में आना चाहते हैं. उन्होंने बिना किसी दबाव में यह अर्जी दी है. 
 
बता दें कि कोर्ट ने पिछले माह दोनों आरोपियों और 36 वर्षीय अदनान हसन के खिलाफ आईएसआईएस के लिए पैसा जुटाने और लोगों को इस संगठन में शामिल करने की आपराधिक साजिश रचने के मामले में आरोप तय किए थे. हसन के खिलाफ मामला इसी अदालत के समक्ष अलग से चल रहा है.
 
गौरतलब है कि शेख अजहर जम्मू एवं कश्मीर जबकि फरहान महाराष्ट्र निवासी हैं. हसन कर्नाटक राज्य से ताल्लुक रखता है. ये दोनों 2015 में अबूधाबी गये थे, जहां इनका झुकाल आईएसआईएस की तरफ हो गया था.