नई दिल्ली : कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोहिनूर का मामला गंभीर है, केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर किसी ठोस सुझाव के साथ कोर्ट में आना चाहिए.
 
20 सितंबर 2016 को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि कोहिनूर हीरा भारत का है और इसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने महाराजा दिलीप सिंह से जब वह नाबालिग थे, तब उनसे धोखे से जब्त कर लिया था. 105 कैरेट के कोहिनूर को कभी भी ब्रिटेन की महारानी को बतौर तोहफा नहीं दिया गया. इससे देश के लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं.
 
भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है क्योंकि कानूनी रूप से ये संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था.
 
याचिका मे कहा गया है कि कोहिनूर को महाराजा दिलीप सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को गिफ्ट नहीं किया था बल्कि उन्हें इसे देने के लिए विवश किया गया था।  कोहिनूर से संबंधित पुराने कागजात भी येही बताते हैं, केंद्र को इस मुद्दे पर अंतराष्ट्रीय फोरम जाना चाहिए और कोहिनूर को वापस लाना चाहिए.