नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले की जांच के लिए सीबीआई ने रविवार को संयुक्त निदेशक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी की अगुवाई में 40 अधिकारियों की टीम का गठन किया. एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की अलग-अलग शाखाओं से लिए गए अधिकारियों की यह टीम सोमवार को भोपाल पहुंचकर घोटाले की जांच का जिम्मा संभालेगी.

इस टीम में किन-किन अधिकारियों को शामिल किया गया है या इसकी अगुवाई कौन करेगा, इसे लेकर एजेंसी ने कुछ भी नहीं बताया है. जांच एजेंसी ने इस खबर को भी गलत और बेबुनियाद करार देते हुए खारिज कर दिया कि बिहार कैडर के एक अधिकारी सीबीआई टीम की अगुवाई करेंगे. सीबीआई के प्रेस सूचना अधिकारी आरके गौड़ ने बताया कि भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सीबीआई ने व्यापम से जुड़े सभी मामलों की जांच का जिम्मा संभालने के लिए एक टीम का गठन किया है. सीबीआई टीम सोमवार को भोपाल पहुंचेगी और जांच का जिम्मा संभालने की प्रक्रिया शुरू करेगी.

शिवराज ने घोटाला ढंकने का प्रयास किया
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बार-बार यह कहने पर कि व्यापम घोटाले से उन्होंने (शिवराज) ही पर्दा उठाने और एसटीएफ जांच का आदेश देने संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा है कि व्यापम घोटाले सं शिवराज ने पर्दा नहीं उठाया था, बल्कि उसे ढांकने का प्रयास किया था.

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्र ने कहा कि घोटाले की पहली एफआईआर राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 19 जुलाई 2009 को भोपाल के एमपी नगर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसके बीस माह बाद मुख्यमंत्री चौहान ने विधानसभा में 31 मार्च 2011 को बताया था कि एफआईआर की जांच में पाया गया है कि एमबीबीएस के किसी छात्र ने फर्जी तरीके से प्रवेश प्राप्त नहीं किया है.

गंगा के समान पवित्र हैं शिवराज
मध्यप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने व्यापम घोटाले को लेकर आलोचना का सामना कर रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना गंगा की पवित्रता से करते हुए कहा है कि वह गंगा के समान पवित्र हैं और सीबीआई जांच में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

एजेंसी इनपुट भी