बेंगलुरु: देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो सालाना अप्रेजल प्रोसेस के तहत बड़े स्तर पर कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के मुताबिक विप्रो करीब 600 कर्मचारियों की छटनी कर चुकी है वहीं दूसरी तरफ चर्चा ये भी है कि ये संख्या करीब 2 हजार तक हो सकती है.
 
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक दिसंबर तक विप्रो में करीब 1.79 कर्मचारी काम कर रहे थे. विप्रो ने कहा कि कंपनी कठोर प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया का पालन करती है और ये समय-समय पर बिजनेस ऑब्जेक्टिव, कंपनी की  प्राथमिक्ता और क्लाइंट्स की जरूरतों के हिसाब से बदलती रहती है.
 
हालांकि कंपनी कितने और लोगों को बाहर निकालने जा रही है इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.