नई दिल्ली : स्कूलों की मनमानी पर इंडिया न्यूज की मुहिम लगातार जारी है और इस मुहिम का असर भी दिखने लगा है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. सीबीएसई ने 7 नामी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तो वहीं तीन की मान्यता भी रद्द कर दी है.
 
इन स्कूलों की मान्यता रद्द हुई
CBSE ने गोरखपुर के पिलर्स पब्लिक स्कूल, वाराणसी के सर सैयद पब्लिक स्कूल और बुलंदशहर के रजनी पब्लिक स्कूल में कई गड़बड़ियां पाए जाने पर उनकी मान्यता रद्द कर दी है. नियमों का उल्लंघन कर प्रिंसिपल का कार्यकाल बढ़ाने पर सीबीएसई ने DPS मथुरा रोड और DPS आर के पुरम को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों ना स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाए. स्कूल पर आरोप है कि उसने दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट का उल्लंघन कर प्रिंसिपल मनोहर लाल का कार्यकाल 2019 तक बढ़ा दिया है.
 
इसके साथ ही सीबीएसई ने दो स्कूलों को डाउनग्रेड कर दिया है तो वहीं एक स्कूल में ग्यारहवीं और बारहवीं के दाखिले पर दो साल के लिए रोक लगा दी गई.
 
 
इन स्कूलों को भेजा कारण बताओ नोटिस
CBSE ने स्कूल में किताब बेचने से लेकर, ज्यादा सेक्शन चलाने जैसी कई अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए जिन 7 स्कूलों को नोटिस जारी किया है वह हैं-
– डीपीएस, आर के पुरम
– डीपीएस मथुरा रोड
– अलवर का सिल्वर ओक स्कूल
– तमिलनाडु का टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल 
– मुंबई का मतोश्री काशीबेन व्रजलाल इंटरनेशनल स्कूल
– मार्गदर्शन सेंट्रल स्कूल, इकालाक, कर्नाटक
– भोपाल का डीपीएस
 
इंडिया न्यूज़ की मुहिम पर CBSE की PRO ने कहा है कि स्कूलों की मनमानी पर इंडिया न्यूज़ ने अच्छा काम किया है, उन्होंने कहा है कि अभी कुछ और स्कूलों पर भी गाज गिरेगी, कार्रवाई की लिस्ट अभी और लंबी होती जाएगी, अनियमितता बरत रहे स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा.