चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ईवीएम टेपरिंग मामले में ईवीएम का बचाव किया है. अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि अगर ईवीएम से छेड़छाड़ होती तो वह आज पंजाब के सीएम नहीं होते, बल्कि अकाली आज सत्ता में होते. अमरिंदर सिंह का यह रुख कांग्रेस के रुख के विपरीत है, जिसका कहना है कि मशीन से छेड़छाड़ संभव है.
 
पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 117 में से 77 पर जीत दर्ज कर अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाई. कैप्टन ने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंकाओं को खारिज करते हुए दिया कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी हुई होती, तो मैं मुख्यमंत्री नहीं होता. यहां अकालियों की सरकार होती.
 
इससे पहले पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि वह तकनीकी का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि अब बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. यह प्रगतिवादी कदम नहीं है. मुझे नहीं लगता कि हमें फिर से पुराने तौर-तरीके अपनाने चाहिए.   
 
कांग्रेस ने मांग की है कि ईवीएम की जगह पुराने मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाए. पंजाब में विधानसभा की 117 सीटों में से 77 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कर एक दशक से सत्ता में काबिज अकाली-भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाया.
 
बता दें कि कांग्रेस की अगुवाई में देश के 13 विपक्षी दल बुधवार को देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिले थे, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से ईवीएम में कथित छेड़छाड़ का मुद्दा भी उठाया था.