नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी में एक बार फिर चिट्ठी लिखकर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ रोष ज़ाहिर किया गया है. ‘आप’ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक तलवार ने केजरीवाल को चिट्ठी भेजकर कहा है कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग साजिश कर रहे हैं. तलवार ने अपनी चिट्ठी में खुलकर कहा है कि पार्टी में शीर्ष क्रम पर लॉबिंग की जा रही है.
  
अशोक तलवार ने केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा है, ‘मुझे 28 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से एक दिन पहले होने वाली बैठक के लिए दिल्ली बुलाया जा रहा है. मुझे दिल्ली आने के लिए कई लोगों के मैसेज और फोन आए हैं. ये लोग मुझे एक दिन पहले यानी 27 मार्च को होने वाली बैठक में उपस्थित रहने की पुष्टि चाहते हैं जिससे मेरे खाने और रहने का प्रबन्ध सुनिश्चित किया जा सके. ‘स्वराज’ और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र पर चर्चा करने के लिए इस 27 मार्च को होने वाली इस बैठक में 14 से ज्यादा सदस्य अपनी भागीदारी सुनिश्चित करा चुके हैं. मुझे लगता है कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग साजिश कर रहे हैं.’
 
अशोक ने दीपक पारेख, ग्यानेंन्द्र, रोहित तिवारी, राजेश कुमार, विजय सिंह और अमीक अहमद के नामों का भी नाम अपनी चिट्ठी में लिया है और लिखा है कि ये लोग इस तरह की सूचना फैला रहे हैं. केजरीवाल को लिखी चिट्ठी में अशोक तलवार ने आगे लिखा है, ‘मेरी प्रार्थना है कि आप इस मामले में दखलंदाजी कर पूरी जानकारी लें जिससे पार्टी के खिलाफ हो रही साजिशों से पार्टी को बचाया जा सके और अपने लक्ष्य पर ध्यान लगाया जा सके.’
 
शांति भूषण का बैठक बुलाने से इनकार
खबर है कि जिस बैठक की बात अशोक तलवार कर रहे हैं वो भूषण कैंप ने बुलाई है. लेकिन शांति भूषण ने कहा है कि उन्होंने ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई है. शांति भूषण ने अपने बयान में कहा कि मैं इन खबरों का पूरी तरह खंडन करता हूं. मैंने इस तरह की कोई मीटिंग नहीं बुलाई है, और अगर किसी और ने ऐसी कोई मीटिंग बुलाई है तो मैं उसमें शामिल भी नहीं होऊंगा. 

खबर यह है कि शनिवार को होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता के लिए पार्टी का एक धड़ा जहां अरविंद केजरीवाल के अलावा किसी और के लिए लॉबीइंग कर रहा है वहीं, केजरीवाल के समर्थक पार्टी के संविधान पर अड़े हुए हैं जिसके ऐक्ट में दिल्ली के मुख्यमंत्री को ही एनसी की बैठक का भी अध्यक्ष घोषित किया गया है. अध्यक्षता के लिए एक बड़ा नाम ऐडमिरल रामदास का भी सुझाया गया है. इसी संबंध में ट्विटर पर एक पोस्टर भी सामने आया है, जिसमें निष्पक्षता की मांग करते हुए रामदास की तस्वीर लगाई गई है.