नई दिल्ली. पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूपी सरकार को नोटिस दिया है. कोर्ट ने यह नोटिस CBI जांच की याचिका पर दिया है. कोर्ट ने केंद्र-यूपी सरकार से 2 हफ्ते में जवाब है. वहीं जगेंद्र के पिता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उन्हें अपने बेटे की हत्या का केस वापस लेने के लिए पैसे लेने का दबाव बना रहे हैं. जगेंद्र के 65 साल के पिता सुमेर सिंह ने कहा है कि कुछ लोगों ने उन्हें केस वापस लेने के लिए 20 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी ऑफर की है. उन्होंने इस बारे में पुलिस से भी शिकायत की है. 

सुप्रीम कोर्ट के जज एम.वाई. इकबाल की अध्यक्षता वाली अवकाशपीठ ने इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र तथा राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं. इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता आदिश सी. अग्रवाल ने न्यायालय से मामले की सीबीआई जांच का आदेश देने की गुहार लगाई.

जनहित याचिकाकर्ता डी.एस. जैन ने भी न्यायालय से अनुरोध किया कि वह इस संबंध में दिशा-निर्देश तय करे और निर्देश जारी करे कि पत्रकार की अस्वाभाविक मौत से संबंधित मामले की जांच इलाके के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की निगरानी में हो. गौरतलब है कि जगेंद्र को मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया गया था. आरोप है कि उत्तर प्रदेश के मंत्री के इशारे पर पुलिस ने ऐसा किया. बुरी तरह झुलस चुके जगेंद्र की आठ जून को मौत हो गई.