पानीपत. नोटबंदी के बाद देश भर में लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एटीएम और बैंकों के बाहर लगी लंबी-लंबी लाइनों में अबतक 75 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और उनके परिवार वालों के पास उनके अंतिम संस्कार करने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे ही एक मामला हरियाणा के पानीपत जिले से सामने आया है.
 
यहां अपनी पत्नी की मौत के बाद एक बुजर्ग के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे. उन्होंने कई लोगों से मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई मदद के लिए सामने नहीं आया. इसके बाद वह हारकर बैंक के बाहर अपने खाते में से पैसे निकालने के लिए लाइन में लग गया. वह पांच घंटे बैंक के बाहर लाइन में खड़ा रहा लेकिन उसका नंबर नहीं आया. बाद में इंडिया न्यूज की दखल के बाद उसे पैसे मिल पाए.
 
बता दें कि बुजुर्ग राजेंद्र पांडे की 72 वर्षीय पत्नी चंद्रकला की कैंसर से मौत हो गई थी. राजेंद्र के पास पत्नी का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे. ऐसे में वह अपनी पत्नी का शव घर में छोड़कर खाते में जमा लगभग 5000 रुपए निकलवाने गया, लेकिन पांच घंटे बाद भी उसका नंबर नहीं आया.