नई दिल्ली : ट्रिपल तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिला ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को खून से पत्र लिखकर इंसाफ या मौत मांगी है. शबाना नाम की महिला जोकि मध्य प्रदेश के देवास की रहने वाली है, ने जस्टिस ठाकुर को खून से पत्र लिखकर इंसाफ या मरने की इजाजत मांगी है. महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया और बाद में उसे मौखिक तलाक देकर दूसरी शादी कर ली. 
 
महिला का आरोप है कि वो नर्सिंग का कोर्स करने के बाद वह नौकरी करना चाहती है. लेकिन उसका पति चाहता था कि वह खेतों में काम करे. मना करने पर मारपीट करता था और दहेज के लिए भी प्रताड़ित भी किया. महिला ने बताया कि उसके पति ने उसे मौखिक तलाक देकर दूसरी शादी कर ली है. 
 
शबाना ने सीजेआई को लिखी चिट्ठी में ऐसे कानून को खत्म करने की मांग की है, जिससे उसकी और उनकी चार साल की बेटी की जिंदगी बर्बाद होती है. शबाना ने बताया कि उसके पति ने तीन बार तलाक-तलाक कहकर तलाक दे दिया और मुझे और मेरी बच्ची को छोड़ दिया.
 
महिला ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे अपने पत्र में कहा कि मैं तीन तलाक के सख्त खिलाफ हूं, अब मुझे देश का जो कानून हैं, जो सबके लिए समान है, इस कानून के तहत न्याय मिले.