करनाल: पानीपत बस बम ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा पर गुरुवार को  कोर्ट सुनवाई के बाद मामले में फैसला सुना सकती है. कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी टुंडा को गाजियाबाद की डासना जेल के बजाय करनाल जेल भेज दिया था. बता दें कि करीम टुंडा ने फरवरी 1997 को कालखा सोसाइटी ट्रस्ट की निजी बस में एक बम ब्लास्ट करवाया था, इस हमले में एक महिला की मौत और दर्जनों लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए थे.
 
 
इसी मामले में पानीपत पुलिस उसी हमले वाले दिन से इसकी तालाश में थी. टुंडा पर देश के अलग-अलग जगहों पर बम ब्लास्टों में सलिंप्तता समेत 37 मुकदमें दर्ज हैं और देश की अनेकों सिक्युरिटी एजेन्सियां इसकी तालाश में थी. आखिरकार करीम टुंडा 16 अगस्त को दिल्ली की स्पेशल सैल पुलिस ने इसे नेपाल बोर्डर से गिरफ्तार कर लिया.
 
मंगलावर को गाजियाबाद पुलिस टुंडा को डासना जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच करीब सवा दो बजे कोर्ट पहुंची थी. कोर्ट में टुंडा करीब आधा घंटा रहा. यहां मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख एक दिसंबर मुकर्रर कर दी. कल यानी मंगलवार को ही अन्य कैदियों के साथ टुंडा ने मारपीट भी की थी.
 
इसके चलते टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां इलाज और मेडिकल कराने के बाद टुंडा को वापस करनाल जेल में कड़े सुरक्षा पहरे में ले जाया गया. बता दें कि इससे पहले टुंडा तिहाड़ जेल में बंद था और मंगलवार को ही पानीपत कोर्ट में सुनवाई के बाद करनाल जेल में भेजा गया था.  
 
आतंकी अब्दुल करीम टुंडा हरियाणा के सोनीपत सिनेमा हॉल बम ब्लास्ट और पानीपत के बस कांड में भी मुख्य आरोपी है. अगली तारीख तक टुंडा को करनाल जेल में रखा जाएगा. वहीं टुंडा के वकील सुल्तान सिंह ने दावा किया है कि कि बम बलास्ट के मामले में अभी तक न तो कोई गवाह और न ही सबूत कोर्ट के सामने आया है. वकिल ने बताया है कि जज ने अपना फैसला एक दिसम्बर के लिए सुरक्षित रख लिया है.