नई दिल्ली: पटियाला स्थित नाभा जेल ब्रेक कांड में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. पुलिस ने खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (KLF) के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू से पूछताछ में खुलासा किया है कि जेल से भागने से एक दिन पहले उसने स्काइप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर हरमीत नाम के शख्स से बात की थी. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की KLF के जरिए पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने की योजना थी. 
 
 
ISI कर रही है मिंटू की मदद
मिंटू ने पुलिस को बताया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए उसे बाकयदा पैसे उपलब्ध कराए गए थे. जानकारी के अनुसार KLF आतंकी हरमीत ही जेल से भगाने का असली मास्टरमाइंड है. हरमीत पाकिस्तान के लाहौर के डेरा छाल गांव में ISI की मदद से इस साजिश को अंजाम दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  नाभा जेल से भागे और 27 नवंबर को गिरफ्तार किए गए हरमिंदर सिंह मिंटू से दिल्ली और पंजाब पुलिस की एक स्पेशन सेल पूछताछ कर रही है. 
 
 
हरमिंदर का फोन चेक कर रही है पुलिस
पुलिस हरमिंदर द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की कॉल का ब्यौरा निकालने की कोशिश कर रही है, इससे पाकिस्तान के साथ-साथ अन्य देशों में उसकी मदद करने वालों का पता लगाया जा सके. जेल से भागने से पहले हरमिंदर ने फोन को नष्ट कर दिया था, लेकिन उसने पूछताछ में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का खुलासा कर दिया था. 
 
 
पुलिस की वर्दी में आए थे बदमाश
बता दें कि रविवार की सुबह 10 बंदूकधारी पुलिस की वर्दी में आए थे. दो कारों से आए ये बदमाशों ने नाभा जेल पर हमला कर आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू, कश्मीरा सिंह, विकी गौंडर, गुरप्रीत सेखों, अमन टोडी, कुलप्रीत नीतू को भगा ले गए. इस हमले में एक लड़की की मौत और दो पुलिसवाले भी घायल भी हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक हमलावर बड़ी गाड़ियों से आए थे. उनकी गाड़ियों की डिक्की भारी हथियारों से भरी थी.
 
 
कौन है हरमिंदर सिंह मिंटू ?
49 साल के हरमिंदर सिंह मिंटू को साल 2014 के नवंबर में  दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. वो थाईलैंड से दिल्ली आ रहा था. मिंटू फर्जी मलेशियन पासपोर्ट और पहचान पत्र के जरिए पूरे यूरोप की कई यात्राएं कर चुका है. वह कई बार पाकिस्तान जा चुका है, यहां से उसे पैसा और कई दूसरी तरह की मदद मिलती रहती हैं, मिंटू का मुख्य उद्देश्य आतंकी संगठनों से मेल-जोल बढ़ाना रहता था. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने उसे भारत में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब में हमला करने की जिम्मेदारी भी दी थी. लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं रहा.
 
 
1986 में की थी KLF की स्थापना
मिंटू पर तीन शिवसेना नेताओं और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हमले का भी मामला दर्ज है. इसके अलावा उस पर 10 से ज्यादा आतंकी केस दर्ज हैं. मिंटू खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) की स्थापना साल 1986 में सुखविंदर सिंह बब्बर और अरूर सिंह द्वारा की गई थी. साल 1995 में इस संगठन को खालिस्तान आंदोलन में शामिल चार बड़े संगठनों में शामिल किया गया. मिंटू इसी संगठन का सरगना है.