नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से आए शरणार्थियों के विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 36,384 परिवारों को और अधिक वित्तीय सहायता देने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसके अलावा विदेशी नागरिकों खासकर उद्यमियों और सैलानियों के लिए वीजा नियमों को भी उदार बनाया गया है.
 
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में और भी कई अहम फैसले लिए गए. सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर की कई और जातियों को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने को मंजूरी दे दी है. जम्मू-कश्मीर सरकार ने 36,348 ऐसे परिवारों का चयन किया है, जिन्हें यह पैकेज दिया जाना है. मोटे तौर पर हर परिवार को 5.5 लाख रुपये की राशि बतौर अनुदान मिलेगी.
 
जिन परिवारों को सहायता राशि मिलेगीइनमें से अधिकतर विस्थापित परिवार जम्मू क्षेत्र में रहते हैं. वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हर परिवार को 5.5 लाख रुपये की रकम मिलेगी.  यह राशि विस्थापित परिवारों को बसने के लिए दी जाएगी. केंद्र इस राशि को जम्मू-कश्मीर सरकार के पास भेजेगा और राज्य सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि विस्थापित परिवारों तक पहुंचाएगी. 
 
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से आए ज्यादातर शरणार्थी कठुआ, जम्मू और राजौरी जिलों में रह रहे हैं. इनमें से कई परिवार तो भारत बंटवारे के समय से ही हैं. कुछ 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान भारत में जा बसे थे. इन परिवारों को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में वोटिंग का अधिकार नहीं है, लेकिन ये लोकसभा चुनाव में वोट डाल सकते हैं.