नई दिल्ली : नीति आयोग ने बुधवार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मुख्यमंत्रियों और विशेषज्ञों की एक समिति गठित की, जो देश भर में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का खाका तैयार करेगी. नीति आयोग के सूत्रों के अनुसार देश भर में यह समिति पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन और इस संबंध में एक रोडमैप तैयार करने का काम करेगी.
 
समिति में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और नीति आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया शामिल हैं. इस समिति का नेतृत्व आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्र बाबू नायडू करेंगे. 
 
इस टीम में बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार नहीं हैं, जिन्‍हें वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने फोन कर समिति में अपनी सेवाएं देने को कहा था. नीतीश कुमार केवल प्रमुख विपक्षी नेता हैं, जिन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का उत्साह से समर्थन किया.
 
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया को भी इस समिति में शामिल किया गया है, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत इसके सदस्य सचिव होंगे. इनके अलावा समिति में विभिन्न क्षेत्रों के पांच विशेषज्ञों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में रखा गया है. 
 
जिनमें विशिष्ठ संख्या पहचान प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष नदंन नीलेकणि, बोस्टन कंसल्टिग ग्रुप के अध्यक्ष जनमेजय सिन्हा, नेटकोर के प्रबंध निदेशक राजेश जैन, स्पिरिट के सह संस्थापक शरद शर्मा तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद के प्रोफेसर(वित्त) डॉक्टर जयंत वर्मा शामिल हैं.