नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद अब सरकार कैशलेस लेन-देन पर ज्यादा जोर दे रही है. इस पर अब भारतीय रेलवे को जल्द ही कैशलेस कर दिया जाएगा. ऐसा होने पर भारतीय रेल ऐसा पहला संस्थान होगा जो लेन-देन के मामले में कैशलेस होगा. इसमें रेलवे कर्मचारियों के वेतन भी शामिल है.
 
इसके अलावा टिकटिंग, मालभाड़ा, ट्रेन में खाना पीना और कुली आदि सुविधाएं भी कैशलेस होंगी.
 
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस लक्ष्य को एक साल में हासिल कर लिया जाएगा. फिलहाल रेलवे 70 फीसदी कैशलेस हो चुका है. नोटबंदी के बाद कैशलेस होने पर देश के लोगों के लिए यह एक बड़ा कदम है.
 
ये चीजें होंगी कैशलेस
टिकटिंग, कुली सेवा, पार्किंग, पार्सल, टैक्सी सुविधा, मालभाड़ा वेतन.
 
लेने-देन करने का माध्यम
ऑनलाइन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, रेल कार्ड सहित ई-वॉलेट और घर पर टिकट भेजने की सुविधा
 
500 स्वाइप मशीनें लगाईं जाएंगी
रेलवे बोर्ड ने बड़े स्टेशनों पर 500 स्वाइप मशीनों को लगाने का फैसला लिया है. इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक से बातचीत भी चल रही है. ऐसा बताया जा रहा है कि दिसंबर से यह लॉन्च कर दिया जाएगा.