नई दिल्ली: जेएनयू से लापता छात्र नजीब अहमद को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने राजनीति न करने की सलाह देते हुए नजीब को ढूंढ़ने की कोशिश करने को कहा है. कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां से इस तरह से कोई कैसे गायब हो सकता है.
 
न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व विनोद गोयल की खंडपीठ ने 45 दिनों से नजीब के लापता होने पर चिंता जताई और कहा कि ‘जेएनयू परिसर में नजीब से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ सदस्यों से मारपीट हुई थी.’ कोर्ट ने कहा कि ‘पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. ऐसे में क्या यह जांच का विषय नहीं है? इतना ही नहीं रिपोर्ट में नज़ीब को अस्पताल ले जाने का भी कोई जिक्र नहीं है.’ 
 
कुल मिला कर कोर्ट ने पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर असंतोष जताया और कहा कि देश की राजधानी से किसी का इस तरह गायब हो जाना मन में असुरक्षा का भाव पैदा करता है. कोर्ट ने पुलिस से सभी कोणों को जांचने की बात कही है. 
 
कोर्ट ने पुलिस से इस बात को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है कि नजीब से 14 अक्टूबर को मारपीट हुई थी जिसकी 17 अक्टूबर को आपराधिक शिकायत भी हुई लेकिन बावजूद इसके 11 नवंबर तक उन लोगों से इस बारे में कोई पूछताछ क्यों नहीं की गयी.