नई दिल्ली. केंद्र और दिल्ली सरकार में जारी जंग के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले. उनके साथ दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी थे. 

केजरीवाल ने मुकालात के दौरान गृह मंत्री से एसीबी पर दिल्ली सरकार के अधिकार की बात को दोहराया. लेकिन एक घंटे की मुलाकात के बाद भी सीएम केजरीवाल को इस मसले किसी तरह का आश्वासन नहीं मिला. गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव से बचने के लिए नियमानुसार काम किया जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों की नियुक्ति के मामले को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और केजरीवाल सरकार के बीच पिछले काफी दिनों से खींचतान चल रही है. इस मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब उपराज्यपाल की ओर से एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख के पद पर एमके मीणा की नियुक्ति कर दी गई.

धर्मपाल पर कार्रवाई कर सकती है दिल्ली सरकार 
इस बीच, ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली सरकार उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त गृह सचिव धर्मपाल को तत्काल अपना पद एवं कार्यालय छोड़ने के लिए निर्देश देने की योजना बना रही है. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने इस संबंध में एक पत्र लिखा है, जिसे धर्मपाल को भेजा जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक इस पत्र में जैन ने कहा है कि धर्मपाल को दिल्ली सचिवालय के पांचवें तल पर स्थित अपना कार्यालय अवश्य खाली कर देना चाहिए, क्योंकि वह इस पर ‘अनधिकृत’ रूप से कब्जा जमाए हैं.

धर्मपाल भी अड़े, कहा मैं ही हूं गृह सचिव
जब इस संबंध में धर्मपाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह गृह सचिव बने रहेंगे और अपना कार्यालय नहीं खाली करेंगे. उन्होंने कहा, मैं सोमवार को अपने कार्यालय में बैठूंगा और गृह सचिव बना रहूंगा, क्योंकि मेरी नियुक्ति संवैधानिक है और यह उपराज्यपाल द्वारा की गई है.केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनका पक्ष लेते हुए उनसे अपने पद पर बने रहने को कहा है. सूत्रों के अनुसार जैन ने पत्र में कहा है कि धर्मपाल को 9 जून को ही सरकार द्वारा मुक्त कर दिया गया और यदि वह सचिवालय में अपने कार्यालय में बने रहते हैं तो यह अनधिकृत कब्जा माना जाएगा एवं सरकार इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी.

एजेंसी