नई दिल्ली. यूपी के पत्रकार जगेंद्र की हत्या के आरोपी मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने मुलायम और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की है और खुद को बेगुनाह बताया है. जगेंद्र की हत्या की सीबीआई जांच की अर्जी पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई है. मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा पर जगेंद्र को जलाकर मारने की साजिश का आरोप है.

अभी तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी
आपको बता दें कि शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के केस में FIR दर्ज हुए 5 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. अखिलेश सरकार के मंत्री पारसनाथ यादव ने बेतुका बयान देते हुए जगेंद्र मामले को मामूली घटना बताया है. पारसनाथ ने कहा कि मौत प्रकृति का नियम है. इतना ही नहीं पारसनाथ ने मीडिया पर भी सवाल उठाए हैं.

धरने पर बैठा है जगेंद्र का परिवार
राममूर्ति सिंह वर्मा की गिरफ्तारी और बर्खास्त करने और मांग को लेकर अपने गांव में जगेंद्र सिंह का परिवार धरने पर बैठा है. परिवार ने मंत्री राममूर्ति वर्मा पर पैसे देकर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के शासन में कानून व्यवस्था पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बागडोर संभालने के बाद लोगों को बदलाव की उम्मीद थी लेकिन ढाक के वही तीन पात. राममूर्ति सिंह वर्मा को न तो मंत्री पद से बर्खास्त किया गया है और न ही गिरफ्तार.
 
जगेंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी मंत्री की शह पर ही एसएचओ श्रीप्रराश राय ने 1 जून को उन्हें आग के हवाले कर दिया था और 8 जून को लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. आपको बता दें कि जगेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर अवैध खनन को लेकर राममूर्ति सिंह वर्मा के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी थी.

INAS से भी इनपुट