नई दिल्ली. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के प्रमुखों के साथ ब्याज दरों को घटाने के मुद्दे सहित उनके एनपीए, देश की आर्थिक स्थिति, ग्रामीण अधोसंरचना के विकास व उसमें उनकी भूमिका, कृषि क्षेत्र के ग्रोथ जैसे मुद्दों की समीक्षा की. वित्तमंत्री ने इस बैठक के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि बैंक प्रमुखों से हमने रिजर्व बैंक के रेट कट के मुद्दे पर बात की और इसका लाभ आम उपभोक्ताओं को देने के मुद्दे पर बात हुई.
 
अरुण जेटली ने कहा कि इस साल अबतक तीन बार 25 बेसिस प्वाइंट की दर से कुल 75 प्वाइंट रेट कट हो चुका है. वित्तमंत्री ने कहा कि बैंक प्रमुखों ने उनसे कहा कि जब रिजर्व बैंक ने रेपो रेट बढाई थी, तब वे अपनी ब्याज दज बढाने में पीछे थे. इसलिए उन्हें इसमें थोडा समय लगेगा. अरुण जेटली ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बैंक प्रमुखों ने उनसे कहा है कि उन्हें दो-तीन क्वार्टर और सुविधाजनक स्थिति में पहुंचने में लग सकता है.
 
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधरी है. उन्होंने कहा कि बैंकों के एनपीए में ही भी सुधार आया है. अरुण जेटली ने कहा कि जिन बैंकों के एनपीए ज्यादा हैं, उनसे इस संबंध में जवाब मांगा गया है. वित्तमंत्री के अनुसार, इस संबंध में जवाबी सुनिश्चित करनी होगी. उन्होंने कहा कि एनपीओ को और कम करने पर फोकस किया गया है. वित्तमंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे की स्थिति भी देश में सुधरी है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के लिए योजनाओं को फोकस करने पर भी जोर दिया. वित्तमंत्री ने कहा कि रूरल इन्फ्रांस्ट्रक्चर व एग्रीकल्चर सेक्टर पर हमें जोर देना होगा.

IANS