लखनऊ. यूपी में एक पत्रकार को कथित जिंदा जलाने के मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक पत्रकार द्वारा फेसबुक पर वर्मा के खिलाफ लिखने के कारण उसको अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.पिछले 15 साल से लगातार पत्रकारिता कर रहे जगेंद्र सिंह फेसबुक से कुछ दिनों से वर्मा के खिलाफ लिख रहे थे.

मंत्री पर आरोप हैं कि इस बात से नाराज होकर उन्होंने  जगेंद्र के खिलाफ लूट, अपहरण और हत्या का झूठा मुकदमा केस दर्ज कराया. जिसके बाद पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी और उसको कथित रुप से पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया.

मरने से पहले गजेंद्र ने दिए गए बयान में वर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे. फिलहाल पुलिस ने राममूर्ति वर्मा के अलावा पांच अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरु कर दी है.