नई दिल्ली.  केंद्र सरकार की कोशिश की है कि 1 अप्रैल 2017 से वस्तु एवं सेवा कर टैक्स यानी जीएसटी को देश भर में लागू कर दिया जाए. इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी समिति की बैठक शुरू हो गई है.इसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं.
 
20 अक्टूबर तक चलने वाली इस बैठक में राज्यों को नई टैक्स सिस्टम लागू होने वाले नुकसान और भरपाई की चर्चा की जाएगी. मिली जानकारी के मुताबिक इस परिषद को सभी मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए 22 नवंबर तक का समय तय किया गया है.  
 
वित्त मंत्रालय की कोशिश है कि सभी मुद्दों पर सहमति जल्दी से जल्दी बना लिया जाए ताकि केंद्रीय जीएएसटी और समन्वित जीएसटी को 16 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सके.
 
अब तक की महत्वपूर्ण बातें
1- जीएसटी परिषद की बैठक में तय की गई बातों को संसद ही आखिरी मुहर लगाएगी.
 
2- जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में एक ही टैक्स सिस्टम लागू हो जाएगा. एक राज्य से दूसरे राज्य में माल भेजे जाने पर अलग से टैक्स नहीं लिया जाएगा यानी भारत में एक ही प्रणाली शुरू हो जाएगी.
 
3- अभी तक हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक टैक्स सिस्टम को 4 भागों में बांटा गया है. जिसमें 6, 12, 18 और 26 फीसद के हिसाब से टैक्स तय किया गया है.
 
4- महंगाई को नियंत्रित करने के लिए खाने की चीजों को इससे बाहक कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल प्रोडक्ट्स पर 26 फीसद टैक्स लगेगा. जिसमें अभी 31 फीसद का टैक्स लिया जा रहा है.
 
5- केरल ने लग्जरी चीजों पर ज्यादा टैक्स और रोजमर्रा की चीजों पर कम टैक्स लगाने की बात कही है.
 
6- राज्यों को जीएसटी से होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार 5 साल तक करेगा. 
 
 
हालांकि इन सब बातों पर अभी तक अंतिम सहमति हुई है या नहीं यह कल होनी वाली बैठक के बाद ही कुछ साफ होने की उम्मीद है.