गोवा. गोवा में आयोजित ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो देश आतंकवाद को पोषित, बढ़ावा, पनाह, समर्थन देते हैं उनको भी आतंकवादी देश माना जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में कई बार पाकिस्तान पर प्रहार किए.
 
गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन की 8 बड़ी बातें
1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ब्रिक्स समूह में शामिल सभी देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई करने का फैसला किया है. सीमा पार से आतंकवाद को खत्म करना ब्रिक्स की प्राथमिकता होगी. हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि आतंकवाद के आर्थिक ठिकानों का पता लगाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करेंगे.
 
2- प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स के पूर्ण अधिवेशन में कहा कि हमें आतंकवाद के खिलाफ सेलेक्टिव तरीके से काम करना होगा. 
 
3- इससे पहले प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद की जन्मस्थली है. यह न सिर्फ आतंक को पनाह देता है बल्कि आतंकी मानसिकता का भी है. यह देश राजनीतिक फायदे के लिए आतंकवाद के इस्तेमाल की भी बात करता है.
 
4- पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से ब्रिक्स सम्मेलन के इतर भी बातचीत की. जिसमें दोनों देशों के मुखियाओं ने बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताई लेकिन चीन ने अभी तक मसूद अजहर या पाकिस्तान को  लेकर ठोस आश्वासन नहीं दिया है.
 
5- भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पाबंदी लगाने में चीन की ओर रोड़े अटकाए जाने पर भी चिंता जताई लेकिन चीन की ओर से कोई इस पर कुछ नहीं कहा गया है.
 
6- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रुख चीन से बिलकुल अलग है. रूस के राष्ट्रपति ने उरी हमले की निंदा की.
 
7- पुतिन और मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों की ओर से साझा बयान जारी किए गए जिसमें कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का रुख समान है. वहीं भारत ने उरी हमले की निंदा करने पर रूस के रूख की तारीफ की है.
 
8- पीएम मोदी ने रूस और भारत की दोस्ती पर कहा ‘एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर है’. भारत ने इस सम्मेलन से पहले ही रूस के साथ 39,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों सहित 16 समझौते किए हैं. समझौते के तहत रूस भारत को बेहद उन्नत विमानभेदक रक्षा प्रणाली एस-400 ट्रायंफ देगा और भारत में ही कामोव हेलीकॉप्टर बनाने की सहमति है.