नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी वादों से पलटते हुए पानी के 10% दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इस फैसले का उन लोगों पर असर नहीं होगा, जो हर महीने 20 किलोलीटर यानी 20 हजार लीटर तक पानी इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इनके लिए सरकार ने पानी फ्री कर रखा है. लेकिन जो लोग 20 हजार लीटर से ज्यादा पानी इस्तेमाल करेंगे, उन्हें 10% ज्यादा दाम चुकाने होंगे. 

उपमुख्यमंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष मनीष सिसोदिया की अगुवाई में हुई जल बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया. नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू हो गईं. सिसोदिया ने कहा कि इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ उन लोगों पर पड़ेगा, जो जरूरत से ज्यादा पानी खर्च करते हैं और उसके दाम चुकाने में भी सक्षम हैं. एक अनुमान के मुताबिक, जल बोर्ड के करीब 18 लाख कनेक्शन हैं, जहां पानी के बिल आते हैं. इनमें से सिर्फ 8-10 लाख लोगों को ही फ्री पानी का फायदा मिल रहा है. बाकी लगभग 8 लाख कनेक्शनों को बढ़े बिल चुकाने होंगे. 

एक्सपर्ट्स की मानें तो लोगों के औसत बिल 22 से 25 किलोलीटर के आ रहे हैं। बैठक में कुछ और फैसले किए गए. पानी के कनेक्शन को रेग्युलराइज कराने की फीस 20 हजार से घटाकर 3,310 रुपये कर दी गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को 31 मार्च से पहले बिल चुकाने पर लेट पेमेंट सरचार्ज से पूरी छूट मिलेगी.

दिल्ली में पानी की दरों में बढ़ोतरी करने के दिल्ली जल बोर्ड के फैसले ने प्रदेश बीजेपी को आम आदमी पार्टी पर हमला बोलने का मौका दे दिया है. बीजेपी ने कहा कि दिल्ली की एक सीमित आबादी को मुफ्त पानी का सपना दिखाकर बाकी के लोगों पर पानी के दाम बढ़ाकर धोखा दिया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि इसी तरह जल बोर्ड ने अपनी हालिया घोषणा में बकाया बिलों का भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को लेट सरचार्ज माफी करने की घोषणा की थी, जो कि केजरीवाल की 49 दिनों की सरकार के लिए गए फैसले के लिहाज से एक यू-टर्न है.