नई दिल्ली. भारत के पूर्व राष्ट्रपति और स्व. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का आज जन्मदिन है. इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. भारत रत्न अब्दुल कलाम को लोग कई नाम से जानते हैं. कोई उन्हें ‘मिसाइल मैन’ तो कोई ‘सफल साइंटिस्ट’ और युवाओं के बीच तो वो ‘यूथ आइकॉन’ के तौर पर मशहूर हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की है.
 
अब्दुल कलाम को शिक्षक की भूमिका बेहद पसंद थी. इतना ही डॉ कलाम की पूरी जिंदगी शिक्षा को समर्पित रही है. डॉ कलाम साहित्य में रुचि रखने के साथ कविताएं लिखने और वीणा बजाने का भी शौक रखते थे. जहां एक ओर डॉ. कलाम वैज्ञानिक कलाम साहित्य में रुचि रखते थे, वहीं दूसरी ओर वो अध्यात्म से भी गहराई से जुड़े हुए थे.
 
एक मछुआरे के घर पर जन्में थे डॉ. कलाम
डॉ अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर, 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मछुआरे के घर पर हुआ था. डॉ. कलाम के पिता अपनी नावों को मछुआरों को किराए पर देकर अपने परिवार का खर्च चलाते थे. वहीं अपनी आरंभिक पढ़ाई पूरी करने के लिए कलाम ने घर-घर जाकर अखबार बांटने का काम भी किया था. डॉ. कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया. राष्ट्रपति के रूप में डॉ. कलाम का कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक रहा है. 
 
विज्ञान के क्षेत्र में दिलाई देश को कई उपलब्धियां
डॉ. कलाम का कहना था कि ‘एक राष्ट्र भ्रष्ट्राचार मुक्त हो और राष्ट्र बहुत खूबसूरत दिमाग से बने, जिसके लिए मैं दृढता से महसूस करता हूं कि पिता, मां और शिक्षक तीन प्रमुख सामाजिक सदस्य हैं.’ बता दें कि डॉ. कलाम भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर राष्ट्र बनना देखना चाहते थे. इतना ही नहीं इसके लिए उन्होंने अपने जीवन में कई उपलब्धियों को भारत के नाम भी किया है. डॉ. कलाम ने अपनी आखिरी सांस पिछले साल 27 जुलाई 2015 को शिलांग एक कार्यक्रम के दौरान ली. 
 
सोशल मीडिया पर लोग दे रहे हैं श्रद्धांजलि
मिसाइल मैन अब्दुल कलाम के जन्मदिन के अवसर पर लोग उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इतना ही नहीं ट्वीटर पर भी सुबह से ही #APJAbdulKalam टॉप ट्रेंड्स में बना हुआ है.