नई दिल्‍ली. भारतीय सेना ने जरुरत पड़ने पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करने की बात कही है. रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सामने शुक्रवार को उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना अपने देश की रक्षा करने में सक्षम है.
 
सेना के उप प्रमुख ने कहा कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइस दोबारा करने सेप परहेज नहीं करेगी. हालांकि, ये उस वक्त के हालात पर निर्भर करेगा. स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी नेता और रिटायर मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी ने कहा कि उस ऑपरेशन से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की गई है.
 
बता दें कि शुक्रवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में सीमा रेखा पार कर पीओके में किये गए सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी सांसदों को बताई. अपनी ब्रीफिंग के दौरान सेना ने कहा कि अगर हालात ठीक नहीं हुए और जरूरत पड़ी तो ऐसे सर्जिकल स्ट्राइक आगे भी होंगे. दूसरे सबसे सीनियर सेना अधिकारी ने नेताओं को बताया कि भारतीय फौज की टुकड़ी ने किस तरह लाइन ऑफ कंट्रोल पार करके सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया. सर्जिकल स्ट्राइक के सबूतों को लेकर चल रही बहस व राजनीति के दौरान इस ब्रीफिंग को काफी माना जा रहा है. 
 
उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल विपिन रावत ने संसदीय समिति को बताया कि कमांडो ऐक्शन के पहले इस बात की जानकारी मिली थी कि सीमा रेखा (एलओसी) के पार बने लॉन्च पैड्स पर आतंकवादी मौजूद हैं. जिसके बाद भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर की रात नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के लॉन्च पैडों और सात आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को ध्वस्त किया, जिसे सर्जिकल स्ट्राइक नाम दिया गया.
 
बता दें कि विपक्षी पार्टियां सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग कर रही है. सर्जिकल स्ट्राइक के सबूतों को लेकर हो रही राजनीति के बीच इस घटनाक्रम को बेहद अहम माना जा रहा है. समिति के एक सदस्य ने बताया कि सेना के उप प्रमुख ने लगभग आधे घंटे तक सेना के सर्जिकल स्टाइक से जुड़ी जानकारियां दीं.