नई दिल्ली. भारतीय सेना के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण के एलओसी पार करने की खबर आने के दो हफ्तों बाद पाकिस्तान ने भी इस बात को कबूल लिया है. 37 राष्ट्रीय राइफल के 22 वर्षीय जवान बाबूलाल नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात थे. वह गलती से सीमा पार कर गए थे.
 
पाकिस्तान की ओर से गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी करके ये बात कबूल की है. पाक सेना के सैन्य अभियानों के निदेशालय ने अपने भारतीय समकक्ष को इस बारे में सूचित किया था. 
 
वापस लाना होगा आसान
चंदू बाबूलाल 29 सितंबर की दोपहर को एलओसी पर करके पाकिस्तान की तरफ चले गए थे. इससे कुछ ही समय पहले भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक होने की घोषणा की थी. इसके बाद भारत ने स्पष्ट किया था कि चौहान के एलओसी पार करने का सर्जिकल स्ट्राइक से कोई संबंध नहीं है. 
 
बता दें कि दो हफ्ते पहले पाकिस्तानी सेना के चंदू बाबूलाल को पकड़ने की खबर के बाद उनकी दादी लीलाबाई की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. अब भारत की ओर से बाबूलाल को वापस लाने की कोशिशें की जा रही है. माना जा रहा है कि अब बाबूलाल को भारत लाना आसान होगा.