नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 21 विधायकों को चुनाव आयोग ने संसदीय सचिव के मामले में अल्टीमेटम दे दिया है. चुनाव आयोग ने इस मामले में सभी विधायकों से कहा है कि उन्हें अपना जवाब 17 अक्टूबर तक देना होगा, नहीं तो बिना जवाब सुने ही कार्रवाई होगी.
 
चुनाव आयोग ने केजरीवाल के 21 विधायकों को आखिरी मौका देते हुए कहा है कि उनके पास संसदीय सचिव बनाए जाने के मामले में जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय है और यह आखिरी मौका है, अगर जवाब नहीं दिया गया तो बिना जवाब के ही कार्रवाई की जाएगी.
 
 
जुलाई के महीने से इस मामले पर चुनाव आयोग सुनवाई कर रहा है और इससे पहले भी इस मामले में सात तारीखें दी जा चुकी हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई विधायक किसी न किसी वजह से सुनवाई आगे बढ़वाते रहे हैं. विधायकों ने आखिरी सुनवाई के दौरान भी इस मामले में अपना पक्ष रखने का समय मांगा था.
 
क्या है मामला ?
आप पार्टी के 21 विधायकों को दिल्ल सरकार ने संसदीय सचिव के तौर पर भी नियुक्त किया था. उन पर लाभ के पद पर होने का आरोप है. इसके चलते उनकी विधायकी भी खतरे में पड़ी हुई है. इसी मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने विधायकों के संसदीय सचिव के पद पर होने को अवैध करार दे दिया था और उन्हें तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का आदेश भी दिया था.