नई दिल्ली. तीन तलाक को लेकर चल रहे विवाद में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कूद गए हैं. ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार को धर्म के मामले में दखल नहीं देना चाहिए. उन्होंने तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने का विरोध भी जताया. उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड भी सही नहीं बताया. उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी संस्कृति से रहना का हक है.
 
 
ओवैसी ने सवाल उठाया कि हमारे भारत देश में कई जाति, संप्रदाय और इलाके के लोग रहते हैं. हरेक की अपनी संस्कृति है ऐसे में यहां यूनिफार्म सिविल कोड लागू नहीं की जा सकती है. उन्होंने साफ कहा कि केंद्र सरकार धार्मिक मामलों ने न ही कूदे तो ही उसके लिए अच्छा होगा.
 
 
बता दें कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक को खत्म करने की राय दी है. इस मुद्दे को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड किसी भी हालत में मानने के लिए तैयार नहीं है. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुरुवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि सरकार को इस तरह धर्म के मामले में दखल नहीं देना चाहिए. बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जमकर कोसा.
 
 
बोर्ड ने सरकार को समझाते हुए कहा ‘सबके लिए समान कानून’ भारत के लिए अच्छा नहीं है. देश में कई तरह की संस्कृतियां हैं उनका सम्मान किया जाना चाहिए.