नई दिल्ली. पाकिस्तान में भारतीय सेना की तरफ से हुए सर्जिकल स्ट्राइक का बड़ा सबूत इंडिया न्यूज़ के हाथ लगा है. इस सबूत में पीओके के दो बड़े आतंकवादियों के बीच की बातचीत है. जिसमें ये आतंकवादी ये मान रहे हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक में कई लोग मारे गए हैं.
 
 
सर्जिकल स्ट्राइक के करीब दो हफ्ते बाद बॉर्डर से सटे सुनसान गांवों में थोड़ी हलचल दिखने लगी है. पिछले तीन दिनों से यहां पाकिस्तानी गोले नहीं गिरे हैं. जिसके बाद यहां किसान खेतों से फसल काट रहे हैं.
 
 
बातचीत में पहला आतंकी सर्जिकल ऑपरेशन के दौरान दूसरा आतंकी से बात करता है जिसमें वह हैलो…हैलो… हैलो कहता है
दूसरा आतंकी- कोई बोलता क्यों नहीं है.
 
पहला आतंकी- हैलो कौन है
दूसरा आतंकी- तुसी कौन है ?
 
पहला आतंकी- कौन बोल रहा है… ?, काका सब खैरियत.. तुस्सी ठीक हो ?
दूसरा आतंकी- तुस्सी कौन बोल रहा है.
 
पहला आतंकी- अल्लाह खैर करे, शेरा बोल रहा हूं. गाजी कित्थे है ? कुछ हुआ उधर ? कोई फायरिंग शायरिंग
दूसरा आतंकी- जनाब बहुत फायरिंग हुई. गाजी को लग गई है, फायरिंग बहुत है जनाब, ग्रेनेड भी बहुत फटे हैं.
 
पहला आतंकी- रेडियो सेट क्यों बंद है.. ?, बाकी कित्थे हैं ? तेरा की नाम काका. सब खैरियत है, गाजी नाल बात करा दे.
दूसरा आतंकी- जनाब काफी तबाही है, पता ही नहीं लगा, फायरिंग बहुत हुई जनाब. उनको लग गई है. रेडियो सेट टूट गया है.
 
 
लश्कर के थे आतंकी
बता दें कि 28 और 29 सितंबर की रात 12.30 बजे से 4.30 बजे तक यह ऑपरेशन चलाया गया. इस ऑपरेशन में भारतीय सैनिक नियंत्रण रेखा के पार पहुंचे और एलओसी से 700 मीटर की दूरी पर स्थित एक पाकिस्तानी चौकी की सुरक्षा में स्थित सात आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया. इसके साथ ही 20 से ज्यादा आतंकियों को भी मार गिराया. भारतीय सेना की कार्रवाई में 2 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे.
 
 
बता दें कि ये ऑपरेशन भारत के 25 स्पेशल कमांडोज ने पूरा किया था. इन कमांडोज ने लीपा, केल, टट्टापानी और भिंबेर के पास बने लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया. भारतीय सेना ने अलग-अलग जगहों पर  एक ही समय में बने 3 कैंप्स का खात्मा किया. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, NSA अजीत डोभाल, सेना प्रमुख और DGMO ने पूरी रात सर्जिकल ऑपरेशन को मॉनीटर किया.
 
 
सर्जिकल स्ट्राइक में सेना गुपचुप तरीके से सीमा के पार जाकर ऑपरेशन को अंजाम देती है. अमेरिका ने आतंकी ओसामा बिन लादेन को भी ऐसे ही मारा था.