अहमदाबाद. गुजरात में विजयादशमी के अवसर पर लगभग 200 दलितों ने अलग-अलग जगहों पर हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म को अपना लिया. उनका कहना था कि ऐसा उन्होंने दलितों के खिलाफ बढ़ रही अत्याचार की घटनाओं को ध्यान में रख कर किया हैं.
 
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दशहरे के अवसर पर अहमदाबाद जिले के डाणीलिम्दा क्षेत्र में 70 दलितों ने बौद्ध धर्म को अपनाया. इस कार्यक्रम का आयोजन गुजरात बुद्धिस्ट अकेडमी ने किया था. समारोह से पहले दलितों के शोषण के मुद्दे पर भी चर्चा की गयी. अखिल भारतीय बुद्ध महासंघ के राष्ट्रीय सचिव भदंत प्रग्नशिप महातेरो ने वहां मौजूद लोगों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी.
 
इसके आलावा गुजरात के मेहसाना और सुरेंद्रनगर में भी दलितों ने हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म को अपना लिया। हाल ही में ऊना में हुई दलितों की पिटाई की घटना के विरोध में दलित समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया था. गौरतलब है की 14 अक्टूबर 1956 को दलितों के सबसे बड़े नेता डा. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में पांच लाख लोगो के साथ हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया था.