नई दिल्ली.   पाकिस्तान में छिपे आतंकी मसूद अजहर के मुद्दे पर अब प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सीधे बात करेंगे. चीन के राष्ट्रपति गोवा में 15 और 16 अक्टूबर को आयोजित बिक्र्स सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं.
 
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माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान उनसे मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी लगाने के मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं. इस बात को अंदेशा चीन को भी हो गया है. शायद इसी वजह से वह इस मद्दे पर बयानबाजी भी कर रहा है.
 
अभी कुछ दिन पहले ही चीन की ओर से कहा गया था कि वह आतंकवाद के खिलाफ है लेकिन किसी भी देश को इस पर राजनीति नहीं करने देगा. उसका इशारा भारत की ओर था.

हालांकि इसी बयान में ही एनएसजी में भारत की सदस्यता देने के मुद्दे पर नरम रुख अपनाया गया. चीन के उप-विदेश मंत्री की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारत को इस मामले में दूसरे देशों से भी बातचीत करनी चाहिए.  
 

भारत भी दे चुका है कड़ी प्रतिक्रिया
मसूद अजहर के मुद्दे पर चीन पहले भी कई बार भारत के खिलाफ रुख अपना चुका है. इस आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने विश्व बिरादरी से साफ कहा था कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरी नीति कोई भी देश न अपनाए.
 
गोवा में साफ शब्दों में होगी बातचीत
माना जा रहा है कि मसूद अजहर और ब्रम्ह्पुत्र नदी से जुड़ी नदियों के पानी रोकने के मुद्दे  पर भी पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शब्दों में बात करेंगे. भारत के पास मसूद अजहर के खिलाफ कई सबूत हैं इसीलिए उसके खिलाफ वह अंतरराष्ट्रीय पाबंदी लगाने की मांग कर रहा है.