नई दिल्ली; दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट में रेडियोएक्टिव पदार्थ लीक होने की खबर से हड़ंकप मच गया हांलाकि लीकेज तय सीमा के अंदर है और चिंता की कोई बात नहीं है आनन-फानन में दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया.
 
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जांच के बाद अधिकारियों ने बताया है कि हालात पूरी नियंत्रण में है और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि कार्गो टर्मिनल में किसी पैकेट से लीक होने की बात सामने आई थी.
हालांकि अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि जो लीक हुआ है वह रेडियोएक्टिव पदार्थ है या नहीं. यह अब जांच के बाद ही पता चल पाएगा. विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पड़ताल कर रही है.  वहीं दिल्ली पुलिस का मानना है कि जो भी पदार्थ लीक हुआ है वह मेडिकल से भी जुड़ा हो सकता है. 
गौरतलब है कि 2015 में भी एक बार रेडियोएक्टिव पदार्थ लीक हो जाने की घटना हो चुकी है.
 
क्या होता है रेडियोएक्टिव लीक से नुकसान
रेडियोएक्टिव लीक होने से शरीर को बहुत नुकसान होता है. अगर इसका असर हो जाए तो इंसान की मौत हो सकती है. आम तौर पर रेडियेशन 3 तरह के होते हैं- अल्फा, बीटा और गामा.
ये तीनो किरणें शरीर पर बहुत बुरा असर डालती हैं. रेडियेशन बहुत ज्यादा हो जाए तो कैंसर का खतरा बढ सकता है. इसकी वजह से हार्ट फेल भी हो सकता है और आदमी विकलांग भी हो सकता है.
रेडियेशन लीक होने के बाद सांस लेने के बाद शरीर के संपर्क में आता है. यह खाना खाने से और त्वचा में लगी चोट के रास्ते भी शरीर के संपर्क में आ सकता है.