लखनऊ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का बयान ‘मोदी जी सैनिकों के खून की दलाली कर रहे हैं’, पर पार्टी को उत्तर प्रदेश सहित पंजाब और उत्तराखंड में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. 

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
उनके इस बयान पर राजनीति गरमा गई है. बीजेपी और कांग्रेस जहां आमने-सामने आए हैं वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल के बयान की निंदा की है.

बीजेपी के पक्ष में माहौल
उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के लाखों लोग नौजवान सेना और पारा-मिलिट्री में काम करते हैं. ऊरी हमले के बाद इन जवानों के परिवारो में गुस्सा था और पाकिस्तान के खिलाफ ढुल-मुल नीति से केंद्र सरकार को लोग कोस रहे थे. लेकिन जैसे ही सर्जिकल स्ट्राइक की खबर आई पूरा माहौल बदल गया.  लोग पीएम मोदी के 56 इंच के सीने वाले बयान को याद करने लगे. यूपी में तो सपा और बीएसपी भी सकते में आ गई और उनके नेताओं ने सरकार के पक्ष में ही खड़े होने में भलाई समझी.

राहुल का बयान हो सकता है सेल्फ गोल
कांग्रेस के नेता संजय निरूपम ने जब सर्जिकल स्ट्राइक को फेक कहा था तो पार्टी ने उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया था. लेकिन कांग्रेस के उपाध्यक्ष के इस बयान से पीछा छुड़ाना आसान नहीं होगा. मीडिया रिपोर्ट की मानें को लोगों ने राहुल की इस बयान की तुलना 2007 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी का मोदी पर दिया बयान ‘मौत का सौदागर’ से कर रहे हैं. जिसके बाद गुजरात में मोदी और बीजेपी के पक्ष में जबरदस्त माहौल बना था और कांग्रेस बुरी तरह हार गई थी.

अमित शाह का निशाना
राहुल के इस बयान का जवाब देने के  लिए खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मोर्चा संभाला और पूछा कि  क्या दलाली शब्द का इस्तेमाल राहुल ने सेना के लिए किया है जो देश की रक्षा में जुटी है.

कपिल सिब्बल का पलटवार
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हत्या के आरोपी और जेल की हवा खाने वाले न बताएं कि राहुल में क्या खोट है.