नई दिल्ली. पाकिस्तान में बसे मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित न करने पर विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा है कि हमने संयुक्त राष्ट्र की कमिटी से कहा है कि मसूद अजहर को आतंकी घोषित किया जाएगा, अगर यह संभव न हो पाया, तो दुनिया को इसका खतरनाक संदेश जाएगा.
 
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मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के पक्ष में 14 देश
विकास स्वरुप ने कहा कि अच्छे और बुरे आतंकवाद में फर्क नहीं किया जा सकता है. मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने की भारत की मांग को 14 देशों का समर्थन मिला गया है, सिर्फ एक देश (चीन) ही जो इस पर रोक लगाए हुए है. आतंकी संगठनों को संकेत मिलने चाहिए कि अतंराष्ट्रीय समुदाय अब बर्दाश्त नहीं कर सकता.
 
 
ब्रह्मपुत्र विवाद पर भी बोले स्वरूप
चीन के साथ नदियों के विवाद पर स्वरूप ने कहा कि ब्रह्मपुत्र पर चीन के साथ हमारा समझौता है. हमारे अधिकारी चीन के अधिकारियों से मिलते रहते हैं. सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों पर हमने चीनी अधिकारियों से बात की है कि इन नदियों पर कोई भी प्रोजेक्ट बनाते वक्त हमारे हितों का ध्यान जरूर रखें. चीन के साथ अगली मीटिंग में ब्रह्मपुत्र डैम पर चर्चा की होगी.
 
 
MFN स्टेटस पर हो रहा विचार
पाकिस्तान को दिए मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) के दर्जे पर विकास स्वरुप ने कहा कि हम व्यापार हितों और अपनी सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं. इसके बाद यह तय होगा कि पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा वापस लिया जाए या नहीं. स्वरुप ने यह भी कहा कि आतंकवाद सामान नहीं है जिसका निर्यात किया जाए.