नई दिल्ली. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे कहा है कि भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध कोई विकल्प नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं.
 
बता दें कि विक्रमसिंघे ने यह बात तीन दिन के भारत दौरे के दौरान कही है. वे इस वक्त तीन दिन के भारत दौरे पर हैं. वह मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे और आज पीएम मोदी ने उनसे हैदराबाद हाउस में मुलाकात की.
 
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रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन को रद्द करने के पीछे अफगानिस्तान और बांग्लादेश में आतंरिक सुरक्षा की समस्या थी, श्रीलंका को ऐसी कोई समस्या नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘हमें सार्क सम्मेलन से कोई समस्या नहीं थी, लेकिन जब चार देशों ने सम्मेलन में शामिल होने से इंकार कर दिया तो हमने भी ऐसा ही किया.’
 
बता दें कि उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन में शामिल होने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान ने भी सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था. इस्लामाबाद में नवंबर में सार्क शिखर सम्मेलन होने वाला था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है.
 
‘सीमा पार आतंक सार्क देशों का एक बड़ा मुद्दा’
सीमा पार आतंकवाद पर बात करते हुए विक्रमसिंघे ने कहा कि क्रॉस बॉर्डर टेररिजम सार्क देशों में एक बड़ा मु्ददा है, इसका मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा करना जरूरी है और हम जल्द ही करेंगे.
 
‘चीन के साथ आर्थिक संबंध’
श्रीलंका के पीएम ने कहा कि चीन के साथ उनके देश का आर्थिक संबंध है, सैन्य संबंध नहीं है. श्रीलंका और भारत के बीच मछुआरों को लेकर हमेशा समस्या होती रहती है, इस मामले पर विक्रमसिंघ ने कहा है कि नवंबर में विदेश मंत्रालयों और मतस्य पालन विभाग के बीच बैठक होगी. मछुआरों के एसोसिएशन के बीच संयुक्त वार्ता होगी.
 
बता दें कि उरी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री का भारत दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.