मुंबई. आरबीआई के नए गवर्नर उर्जित पटेल ने नई व्यवस्था के तहत मुद्रा नीति घोषित कर दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि उर्जित पटेल ने पहली ही पारी में ‘शतक’ लगा दिया है. 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
यही वजह से ईएमआई की घटने की उम्मीद कर रहे लोगों से लेकर शेयर बाजार तक में खुशी का माहौल है. समझने वाली बात यह है कि नई मौद्रिक नीति की क्या हैं खास बातें.

1– रेपो रेट में 0.35 फीसद की कटौती. इसका फायदा यह होगा कि बैंक ब्याज दरों में कटौती करेंगे. इससे कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा. ईएमआई में भी कटौती होगी.
2– रिटेल महंगाई 2017 तक 5 फीसद तक रह सकती है. हालांकि इसके बढ़ने के भी जोखिम हैं.
3– चालू वित्तीय साल में विकास दर 7.6 फीसद तक रहने का अनुमान है.
4– मौद्रिक समीक्षा करने वाली समिति यानी एमपीसी के सभी सदस्य कटौती के पक्ष में थे. नरम मौद्रिक नीति के मुताबिक निर्णय लिया गया.
5– 18 फीसद जीएसटी का असर महंगाई पर कम होगा लेकिन एक बार जरूर होगा. 
6– महंगाई दर का टारगेट 4 फीसद रखा गया है. इसमें 2 फीसद घट-बढ़ सकती है. 
7– जनवरी-मार्च में महंगाई दर 5.3 फीसद तक रहने का अनुमान. महंगाई दर को 4 फीसद रखने के लिए पूरी कोशिश.
8–  सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसे 4 फीसद पर स्थिर रखा गया है.
9– एक या दो तिमाही बाद लैडिंग रेट घटने की उम्मीद.
10- नोट और सिक्कों को दूसरी जगह भेजने के दौरान सुरक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी. 
 
गौरतलब है कि मौद्रिक नीति में रेपो और रिवर्स रेप रेट में कटौती का फैसला इस बात का संकेत हो सकता है कि देश की आर्थिक सेहत में सुधार हो रहा है. इसके साथ ही सरकार और आरबीआई के बीच महंगाई को लेकर अब कोई मतभेद नहीं है. उम्मीद जताई जा रही है कि नई मौद्रिक नीति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा सकती है.