नई दिल्ली. भारत ने पाकिस्तान को उरी आतंकी हमले का करारा जवाब दे दिया है. भारतीय सेना ने पहली बार POK में 3 किमी अंदर तक घुसकर 38 आतंकियों को मार गिराया, इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही सरकार और सेना का पराक्रम पूरे देश में छाया हुआ है, लेकिन आपको यह जानना भी जरूरी है कि हमला करने के लिए भारत ने काफी पहले ही मन बना लिया था. 
 
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सेना के बड़े अधिकारी ने उरी हमले के तुरंत बाद ही कह दिया था कि पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा और उसके लिए जगह और तारीख भी भारत ही निर्धारित करेगा. जी हां डीजीएमओ रणवीर सिंह ने उरी हमले के बाद बौखलाई जनता को आश्वस्त करते हुए कहा था कि सेना हमले का करारा जवाब देगी, सही जगह और सही समय चुन कर हिसाब चुकाया जाएगा और हुआ भी ऐसा ही.
 
भारतीय सेना ने बुधवार रात एलओसी पार कर सर्जिकल स्ट्राइक करके 38 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया. यह सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग की निगरानी में किया गया. इस पूरे हमले की जानकारी सेना के DGMO रणवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी. 
 
क्या है सर्जिकल स्ट्राइक ?
सर्जिकल स्ट्राइक में सेना गुपचुप तरीके से सीमा के पार जाकर ऑपरेशन को अंजाम देती है. अमेरिका ने आतंकी ओसामा बिन लादेन को भी ऐसे ही मारा था. 
 
पहली बार सेना ने LOC पार की
भारत पाकिस्तान के बीच 1949 में कराची एग्रीमेंट के बाद सीजफायर लागू हुआ था. तब से 775 किमी की रेखा सीजफायर लाइन कहलाने लगी. 1971 में इसे LOC नाम दिया गया. तब से अब तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि हमारी भारतीय सेना ने LOC पार किया है.