नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में चारा घोटाला मामले में आरजेडी प्रमुख लालू यादव से कुछ धाराये हटाये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान लालू ने सीबीआई की अर्जी का विरोध किया है. लालू के वकील रामजेठमलानी ने कहा कि सीबीआई ने झूठी अर्जी दाखिल की है और सीबीआई ने तथ्यों को छुपाया है व झूठ का पुलिंदा है. सीबीआई से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने में देरी हुई है. ऐसे में पहले ये तय होना चाहिए कि इनकी याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं.  
 
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मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि कि वो इन आरोपों का जवाब देंगे. वहीं रामजेठमलानी ने कहा कि पहले उन्हें बहस का मौका दिया जाए. कोर्ट ने कहा कि पहले सीबीआई को सुना जाएगा. मामले की सुनवाई 10 नवंबर को होगी. 
 
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने नवंबर 2014 में लालू को राहत देते हुए उन पर लगे घोटाले की साजिश रचने के आरोप हटा दिए थे. हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है. हालांकि हाईकोर्ट ने फैसले में यह भी कहा गया कि लालू यादव के खिलाफ आईपीसी की दो अन्य धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा.  
 
इस फैसले के आठ महीने बाद सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी. करीब 950 करोड़ के चारा घोटाले के आरसी/20ए/96केस में लालू प्रसाद यादव के अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र, जेडीयू सांसद जगदीश शर्मा समेत 45 आरोपी हैं. इस सभी पर चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप है.