नई दिल्ली. सीसे और एमएसजी की अतिरिक्त मात्रा के आरोप में विवादों से घिरी मैगी को लेकर अब केंद्र सरकार ने भी जांच शुरू कर दी है. केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने साफ कर दिया कि केन्द्रीय संस्था खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एनसीडीआरसी) की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार भी इस मामले पर कार्रवाई कर सकती है. इसके साथ ही 15 दिनों के अंदर मैगी का पुराना स्टॉक हटाने को भी कहा गया है. मैगी के नए स्टॉक के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी.

दिल्ली में 15 दिन तक नहीं मिलेगी मैगी, बाज़ार से हटाने का आदेश

मैगी में प्रतिबंधित तत्व पाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने एहतियातन मैगी की बिक्री पर 15 दिन के लिए प्रतिबन्ध लगा दिया है. सरकार ने मैगी बनाने वाली कम्पनी नेसले को 15 दिन के अंदर मार्किट से माल उठाने का भी आदेश दिया है. इसके बाद फिर से मैगी का निरीक्षण किया जाएगा और आगे का फैसला किया जाएगा.  हालांकि केरल में मैगी के सैंपल में लेड की मात्रा तय सीमा से ज्यादा नहीं पाई गई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट किया कि मैगी को फिलहाल दिल्ली के बाज़ारों से पूरी तरह बैन किया जा रहा है.