चंडीगढ़. पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के  नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को ‘आवाज़-ए-पंजाब’ का औपचारिक ऐलान कर दिया. उन्होंने अपने मोर्चे को एक इंकलाबी संगठन बताया. आवाज-ए-पंजाब का मकसद बेहाल पंजाब को खुशहाल करना है. सिद्धू ने खुलासा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुझसे कहा था कि घरवाली को चुनाव लड़वाओ, हम उन्हें मंत्री बना देंगे.  तुम सिर्फ प्रचार करो. 
 
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‘मुझे शो-पीस बनाकर रखना चाहती थी AAP’
नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (AAP) में जाने की चर्चा पर पहली बार खुलकर बात की. उन्होंने केजरीवाल के ट्वीट को आधा सच बताया. उन्होंने कहा कि वे भी मुझे शो-पीस बनाकर रखना चाहते थे और मुझसे कहा था कि आप चुनाव मत लड़ो, अपनी घरवाली को चुनाव लड़वा दो. हम उन्हें मंत्री बना देंगे. केजरीवाल पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल समझते हैं कि इस धरती पर एक वही ईमानदार आदमी हैं. उन्होंने कहा कि मैं केजरीवाल जी की मंशा जानना चाहता था.
 
‘पंजाब में एक ही परिवार कमा रहा है मुनाफा’
नवजोत सिंह सिद्धू बादल परिवार पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि पंजाब में एक ही परिवार मुनाफा कमा रहा है. इसके चलते पंजाब का विकास रूक गया है. राज्य में परिवारवाद की सरकार है, जो अब खत्म होकर ही रहेगा. सिद्धू ने कहा कि अब पंजाब और पंजाबियत की जीत के लिए अब ‘आवाज-ए-पंजाब’ काम करेगी. उन्होंने कहा कि काले बादल चीरकर सूरज किलना चाहिए. अब यह मौसम बदलना ही चाहिए. साथ ही कहा कि बादल और कैप्टन दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं.
 
‘200 रैलियां कराईं फिर भुला दिया’
सिद्धू ने BJP पर जमकर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में मुझसे 200 रैलियां कराईं लेकिन जब मतलब निकल गया तो मुझे भुला दिया गया. उन्होंने ने कहा कि BJP ने उन्हें अमृतसर से बाहर निकालने की साजिश रची गई लेकिन मैं पंजाब से कभी दूर नहीं रह सकता. 
 
 
सुच्चा सिंह भी हो सकते हैं शामिल
इसके अलावा इस पार्टी से जुड़े लोगों की नज़र आम आदमी पार्टी से निकाले गए सुच्चा सिंह छोटेपुर पर भी हैं. छोटेपुर AAP के राज्य संयोजक थे और उनको साथ जोड़ने से इस नई पार्टी को अपने संगठन को मज़बूत करने में काफी सहायता मिल सकती है. बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्‍यसभा की सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे दिया था. सिद्धू इसके पहले अमृतसर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं. 2014 के आम चुनाव में जब अमृतसर सीट से सिद्धू की जगह अरुण जेटली को टिकट दिया गया था तब इन रिश्‍तों की खटास बढ़ी. 
 
 
उलझ सकते हैं राज्य के वोट समीकरण
राज्य में सत्तारूढ़ अकाली दल और BJP की सरकार जहां सत्ता बचाए रखने की लड़ाई लड़ रही है वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए रणनीति बना रही है. राज्य की 13 में 4 लोकसभा सीटें जीतने से उत्साहित AAP राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा कर रही है. इन तीन के अलावा अब सिद्धू का नया मोर्चा राज्य के वोट समीकरण को और उलझाएगा, ये तय दिख रहा है.