कोलकाता. नोबेल पुरस्कार विजेता दिवंगत और गरीबों का मसीहा कही जाने वाली मदर टेरेसा को आज वेटिंकन सिटी में संत घोषित किया जाएगा. मदर टेरेसा को संत की उपाधि देने की घोषणा मार्च 2016 में हुई थी. मदर टेरेसा को 1980 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
 
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वेटिकन सिटी में एक समारोह में रोमन कैथोलिक चर्च के पोप फ्रांसिस मदर टेरेसा को संत घोषित करेंगे. इसके गवाह दुनिया की कई हस्तियां बनेंगी, जिनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हैं.
 
मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 में हुआ था और 87 साल की उम्र में 1997 में उनका निधन हुआ था. उन्होंने 1950 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की थी. इस संगठन से दुनिया भर में तीन हजार से ज्यादा नन जुड़ी हुई हैं.
 
क्या हैं संत की उपाधि के पैमाने ?
संत की उपाधि मिलने के लिए दो चमत्कार का होना जरूरी है. मदर टेरेसा के संदर्भ में दो चमत्कार हो चुके हैं.
पहला एक बंगाली आदिवासी महिला मोनिका बेसरा का पेट का अल्सर ठीक हो गया जिसके बारे में कहा गया था कि यह मदर टेरेसा की शक्ति से हुआ है.
 
दूसरा चमत्कार ब्राजील में हुआ था. वहां के एक व्यक्ति का कहना था कि मदर टेरेसा की कृपा से ही उसका ब्रेन ट्यूमर ठीक हुआ था.
इन दोनों चमत्कारों को पोप फ्रांसिस ने स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद मार्च 2016 में उन्हें संत की उपाधि दिए जाने की घोषणा हुई थी.