नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती दिल्ली पहुंच चुकी हैं. शनिवार को महबूबा सुबह 10:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर मुलाकात करेंगी. बता दें कि इससे पहले गुरुवार को ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह के और महबूबा मुफ्ती एक साथ श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
 
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गुस्से में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी 3 आतंकवादी मारे गये, उसमें सरकार का क्या कसूर था ? लोग सड़कों पर आ गये. हमने कर्फ्यू लगाया. बच्चा क्या आर्मी कैंप टॉफी खरीदने गया ? 15 साल का लड़का, जब उसने दमाल हासिमपुरा में पुलिस स्टेशन पर हमला किया तो वो दूध लेने गया ? इस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने घाटी के 95 फीसदी लोग अमन-चैन पसंद है और वो किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं. साथ ही राजनाथ सिंह के भी कहा कि यहां के लोग शांति चाहते हैं. कुछ लोग हिंसा के रास्ते पर चल रहे हैं. लेकिन उन्हें देश की मुख्य धारा में जोड़ने की जरूरत है. 
 
 
30 अगस्त को प्रदर्शन करने को कहा
कश्मीर में अलगाववादियों ने अपने हड़ताल और आंदोलन के आह्वान की अवधि एक सितंबर तक के लिए बढ़ा दी और विरोध प्रदर्शनों के एक नये कार्यक्रम की घोषणा की. अलगाववादियों ने लोगों से रात में अपने इलाके और गांवों की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद करने को भी कहा ताकि सुरक्षा बलों और पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारियों से बचाया जा सके. 
 
 
49वें दिन भी कर्फ्यू जारी
बता दें कि आतंकी सगंठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर बुरहान वानी जम्मू-कश्मीर पुलिस के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद कश्मीर में शुक्रवार को लगातार 49वें दिन भी कर्फ्यू जारी है. पुलिस का कहना है कि अनंतनाग पुलवामा, बड़गाम, शोपियां और श्रीनगर में बिना किसी राहत के कर्फ्यू जारी रहेगा. 
 
 
बुराहान के मारे जाने के बाद श्रीनगर में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और करीब 4500 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं. केंद्र सरकार ने घाटी में BSF के 2600 जवानों की तैनाती की है. बता दें कि घाटी में आतंरिक सुरक्षा के लिए BSF को 1991 से 2004 तक तैनात रखा गया. बाद में इसे LOC पर तैनात कर दिया गया था. स्थानीय लोगों के मन में BSF की छवि एक आक्रमक और क्रूर बल की है.