नई दिल्ली. भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गई स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक होने के मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने डेटा लीक को हैकिंग का मामला बताया है. पर्रिकर ने नौसेना प्रमुख से लीक और उससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी मांगी है. 
 
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खबरों के मुताबिक इस मामले से संबंधित दस्तावेज एक फ्रांसीसी कंपनी से लीक हुए हैं. पर्रिकर ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किस तरह का डाटा लीक हुआ है. क्या यह हैकिंग का मामला है या फिर किस तरह से लीक हुआ है. फ्रांस ने भी इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
 
 
ये सबमरीन फ्रांसीसी शिपबिल्डर डीसीएनएस के साथ मिलकर भारत के माझगांव डॉक पर बनायी जा रही हैं. इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था को झटका लगा है. ऐसा दावा एक ऑस्ट्रलियाई अखबार ने किया है. अखबार के अनुसार उसे खुफिया जानकारी वाले लीक हो चुके 22,400 पेज मिले हैं, जिन पर ‘रेस्ट्रिक्टेड स्कॉर्पीन इंडिया’ लिखा हुआ है. ये पेज पनडुब्बी के संचालन के लिए बनाए गए पूर्ण दस्तोवेजों का हिस्सा हैं. इन दस्तावेजों में सबमरीन के अंडरवॉटर सेंसर, कॉम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम, तारपीडो लॉन्च सिस्टम और कम्युनिकेशन/नेविगेशन सिस्टम की पूरी जानकारी है.
 
सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस 3.5 बिलियन डॉलर के सौदे के तहत बन रही पनडुब्बियों में से एक आईएनएस कलवरी का समुद्र में ट्रायल चल रहा है. बाकी 5 सबमरीन को भी आने वाले 20 सालों के अन्दर शामिल किये जाने का लक्ष्य है.