मुंबई. मुस्लिम कारोबारी परिवार के पांच सदस्य इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल हो गए हैं. क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में मुस्लिक उपदेशक मुहम्मद हनीफ से पूछताछ की जा रही है. 26 साल का अशफाक अहमद जब दो महीने पहले जून में अपनी पत्नी, छोटी बच्ची और 2 कजन्स मुहम्मद सिराज (22) और एजाज रहमान (30) के साथ विदेश गया, तो अशफाक के परिवार को जरा भी आशंका नहीं थी कि ये सब आईएस में भर्ती होने जा रहे है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
जून के आखिरी हफ्ते में अशफाक के छोटे भाई के मोबाइल पर अशफाक का एक संदेश आया. इसमें उसने बताया था कि वह आईएस के अधिकार वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गया है और लौटकर नहीं आना चाहता है. अशफाक ने अपने संदेश के आखिर में लिखा था, अम्मी और अब्बू का ख्याल रखना. 
 
अशफाक के पिता अब्दुल माजिद ने 6 अगस्त को हनीफ के अलावा केरल के एक स्कूल शिक्षक अब्दुर राशिद के खिलाफ पुलिस में शिकायत लिखवाई. इसके अलावा उन्होंने नवी मुंबई में रहने वाले आरशी कुरैशी और कल्याण निवासी रिजवान खान का नाम भी शिकायत में दर्ज कराया. माजिद का आरोप है कि इन सबने ही उनके बेटे अशफाक को आईएस में शामिल होने के लिए बहकाया.
 
माजिद ने बताया कि 2014 से ही उनके बेटे के व्यवहार में काफी अंतर आ गया था. उन्होंने बताया, उसने संगीत सुनना, टीवी देखना बंद कर दिया. वह अलग तरह के कपड़े पहनने लगा और दाढ़ी भी रखने लगा. उसमें इतनी तेजी से आए बदलाव से परिवार परेशान था. माजिद का आरोप है कि हनीफ ने उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया. हालांकि क्राइम ब्रांच को अभी इस बात की पुष्टि के सबूत नहीं मिले हैं कि हनीफ ने ही अशफाक को देश के बाहर जाने में मदद की.