नई दिल्ली.  दिल्ली सरकार द्वारा हर दूसरे दिन शराब की दुकानों के लाइसेंस बांटे जाने की जानकारी सामने आने के बाद आलोचनाओं से घिरी दिल्ली सरकार ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि इस साल एक भी नई शराब की दुकान दिल्ली में नहीं खुलेगी. 
 
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इतना ही नहीं कॉन्फ्रेंस में यह भी घोषणा की गयी कि वर्तमान में चल रही शराब की दुकानों के भविष्य का फैसला स्थानीय लोग मौहल्ला सभाओं में करेंगे. इसका मतलब यह है कि मौहल्ला सभा में अगर स्थानीय लोग अपने इलाके में चल रही दुकानों को हटवाना चाहेंगे तो वह ऐसा कर सकेंगे. 
 
हटाई जाने वाली दुकाने जहां शिफ्ट होंगी वहां की मौहल्ला सभा से भी इसकी मंजूरी लेनी होगी. इस से पहले भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक आरटीआई दायर कर यह जानकारी जुटाई थी कि दिल्ली सरकार ने डेढ साल में 72 दुकानों को शराब का लाइसेंस और वहीं 217 रेस्टोरेंट को बार लाइसेंस दिया था. इसके बाद दिल्ली सरकार की चौतरफा आलोचना होने लगी थी. 
 
माना जा रहा है कि यह ऐलान भी इन्ही आरोपों से बचने के लिए किया गया है. हालांकि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर यह भी जानकारी दी है कि शराब की कोई नई दुकान नहीं खुलेगी लेकिन मॉल्स को L-10 लाइसेंस दिया जाएगा.